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महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री [स्वतंत्र प्रभार] रेणुका चौधरी ने पिछले दिनों राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में सदन को यह जानकारी दी। एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि महिलाओं को लेकर पुरुषों की भी अपनी समस्याएं हैं। साथ ही उनकी सोच में बदलाव लाना भी जरूरी है। इसके बगैर सकारात्मक नतीजे नहीं आ सकते। लिहाजा उनका मंत्रालय एक गोलमेज सम्मेलन कराने की तैयारी कर रहा है। सम्मेलन में महिलाओं के साथ पत्नी पीड़ित पतियों, सामाजिक मनोविज्ञानियों और दूसरे प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। मकसद यह भी जानने का है कि पतियों के हाथ महिलाओं की पिटाई की आखिर मूल वजहें क्या हैं?
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