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Friday, 3 October 2008

मुझको अपने गले लगा लो, ऐ मेरे जीवनसाथी

महंगे तोहफे देने या शाम को किसी आलीशान होटल में डिनर करने से ही शादीशुदा जिंदगी खुशहाल नहीं होती। शोधकर्ताओं ने खुशहाल शादीशुदा जिंदगी का गैरखर्चीला राज ढूंढ निकाला है। इसके मुताबिक दिन में चार बार अपने साथी को गले लगाकर शादीशुदा जिंदगी को खुशहाल बनाए रखा जा सकता है। अध्ययन के मुताबिक हर महीने अपने साथी के साथ कम से कम 22 बार पर्याप्त समय बिताकर आप अपने रिश्ते मधुर बनाए रख सकते हैं। इसमें साथ टहलना या रोमांटिक डिनर करना जैसी बातें भी शामिल हैं। 'द डेली टेलीग्राफ' में शोधकर्ताओं के हवाले से कहा गया है कि इसके लिए चार हजार जोड़ों पर एक अध्ययन किया गया।

अध्ययन के नतीजों से खुलासा हुआ कि अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुशी तलाश रहे लोगों को महीने में कम से कम सात शाम एक-दूसरे के नाम करनी चाहिए। महीने में दो बार अपने साथी के साथ लांग ड्राइव पर जाने या या फिल्म देखने से भी बात बन सकती है। शोध में पतियों को महीने में एक बार अपनी पत्नी को उपहार देने की भी बात कही गई है। यही नहीं, इसमें महीने में एक शाम अपने साथी से अलग बिताने की भी सलाह दी गई है। मनोचिकित्सक लुडविग लोवेनस्टीन कहते हैं कि दांपत्य जीवन में प्यार भरे शब्द और हाव-भाव काफी मायने रखते हैं। कामकाज और परिवार पालने के चक्कर में लोग अक्सर अपने साथी को नजरअंदाज करते हैं। यहां तक कि लोग गले लगना सरीखी छोटी-छोटी बातों की अहमियत भी भूल जाते हैं।
(साभार: जागरण)

Monday, 7 April 2008

पिछले तीन दशकों में पुरुषों का कार्यभार दोगुना हुया है!

अमेरिका में हाल ही में किए गए शोध के अनुसार घरेलू कामकाज में जहां महिलाओं के कार्यभार में तीस फीसदी गिरावट दर्ज की गई है वहीं पुरुषों पर काम का बोझ दोगुना बढ़ गया है। अमेरिका में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इसका खुलासा किया गया। अमेरिका में 1976 से 2005 के बीच किए गए अध्ययन में कहा गया है कि प्रति सप्ताह महिलाओं द्वारा घरेलू कामकाज किए जाने के घंटों में कमी हुई है जबकि पुरुषों में काम करने के घंटों में वृध्दि दर्ज की गई।


मिसिगन विश्वविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि महिलाओं के काम के घंटे में भारी गिरावट दर्ज हुई। पहले जहां महिलाएं हफ्ते में 26 घंटे काम करती थी वहीं अब घटकर 17 घंटे पहुंच गई। वहीं दूसरी ओर पुरुषों पर काम का भार छह घंटे से 13 घंटे की वृध्दि हुई है। अध्ययन में कहा गया है कि घरेलू कामकाज में भी महिलाओं का कार्यभार घटा है। इसमें कहा गया है कि शादी से पहले जहां पुरुष या महिलाओं को काम कम करना पड़ता है वहीं शादी के बाद कार्य अवधि में वृध्दि हो जाती है।