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Monday, 8 March 2010

पांच माह की गर्भवती महिला ने पति को मगरमच्छ के मुंह से बचाया

आज महिला दिवस पर एक महिला के साहस की अनोखी खबर मिली। हुआ यह कि डरबन के लॉरैंस मुनरो और उसकी पत्नी कैरिन शहर से 125 मील दूर इमफोलोजी गेम रिजर्व में व्हाइट उमफोल्जी नदी के तट पर घूम रहे थे। तभी उन्होंने चट्टानों पर आराम करने की सोची। थोड़ी देर बाद जैसे ही लॉरैंस नदी में अपने पैर धोने गया, एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और पैर मुंह में ले लिया।

33 वर्षीय लॉरैंस ने कहा, वह बस कुछ ही पलों की बात थी। मैं चट्टानों को पकड़कर अपने दाएं पैर से मगरमच्छ को धकेलने लगा। एक बार तो उसने मुझे छोड़ दिया लेकिन फिर दोनों पैरों को दबोच लिया। मैंने अपनी राइफल पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह मुझे खींचकर पानी के पास ले गया। इसके बाद केरिन ने मुझे बाजू से खींचना शुरू कर दिया।

आखिरकार इस संघर्ष में केरिन जीत गई और उसने मुझे मगरमच्छ के चंगुल से मुक्त कराया।

पांच माह की गर्भवती केरिन इतनी मेहनत के बाद अस्पताल में आराम कर रही है। लॉरैंस, केरिन जैसी पत्नी पाकर बहुत खुश है। मगरमच्छ उसे खा भी सकता था। मगरमच्छ 9.8 फीट लंबा रहा होगा लेकिन अंत में उसने संघर्ष बंद कर दिया।

Wednesday, 3 September 2008

शादी टूटने का कारण किसी की बेवफाई या अड़ियलपन नहीं, बल्कि खास जीन

शादी टूटना गंभीर समस्या है। मियां-बीवी के बीच व्यवहार संबंधी कई कारणों को इसका जिम्मेदार बताया जाता है। लेकिन स्वीडन के शोधकर्ताओं की मानें तो शादी टूटने का कारण किसी एक की बेवफाई या अड़ियलपन नहीं बल्कि खास जींन होते है। ये जीन पुरुष और महिला के जुड़ाव में भी अहम भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों ने तलाक और पुरुषों में मिलने वाले एक जीन के बीच एक खास संबंध देखा है। अब बहुत मुमकिन है कि कुछ समय बाद तलाक के मसले सुलझाने के लिए दंपती काउंसिलर की जगह जिनेटिक क्लीनिक की राह पकड़ने लगें।

कैरोलिंस्का इंस्टिट्यूट, स्टॉकहोम के हसी वैलम और उनके सहयोगियों का कहना है कि किसी भी रिश्ते में समस्याओं के कई कारण हो सकते हैं। वैलम भी जोर देकर कहते हैं कि महज़ जीन के आधार पर किसी पुरुष के व्यवहार का आकलन करना ठीक नहीं होगा। लेकिन वह यह भी कहते हैं कि इस जीन में इसी तरह के असर से हमारे शोध को काफी बल मिलता है। फिर भी इस शोध से इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि वैज्ञानिक एक दिन ऐसी दवाएं बना सकेंगे जो इस जीन पर असर करके शादियों को टूटने से बचा सकें।