धरती पर सबसे प्रगाढ़ और करीबी रिश्ता मां और उसके बच्चे का होता है। लेकिन हाल में हुए एक शोध में खुलासा किया गया है कि मां का जुड़ाव आपरेशन (सिजेरियन) के बजाय सामान्य प्रसव से पैदा हुए बच्चे से ज्यादा होता है। अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर जेम्स स्वेन ने शोध के दौरान सिजेरियन बच्चे की मांओं और सामान्य प्रसव से हुए बच्चों की मांओं की ब्रेन स्कैनिंग की। स्कैनिंग के दौरान उन्हें बच्चे के रोने की आवाज भी सुनाई गई। साथ ही उनके बच्चों की देखभाल करने संबंधी विचार भी जाने गए।जिन मांओं के बच्चे सामान्य प्रसव से पैदा हुए थे उनके मस्तिष्क के कार्टेक्स में रोने की आवाज पर ज्यादा प्रतिक्रिया देखी गई। कार्टेक्स मस्तिष्क का वह हिस्सा होता है जो भावनाओं और संवेदनाओं के लिए जिम्मेदार होता है। स्वेन के मुताबिक सामान्य प्रसव से पैदा हुए बच्चों से ज्यादा जुड़ाव के पीछे न्यूरोहार्मोनल कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें आक्सीटोसिन हार्मोन प्रमुख है। आक्सीटोसिन हार्मोन भावनात्मक जुड़ाव और प्यार का एहसास करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इसके उलट सिजेरियन प्रसव में न्यूरोहार्मोनल कारकों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है जिसके कारण बच्चों से लगाव घट जाता है और प्रसवोत्तर अवसाद का खतरा भी बढ़ जाता है। इन सबके बावजूद स्वेन का कहना है कि हमारा इरादा भ्रांति पैदा करना नहीं है।
