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Saturday, 11 July 2009

संतान प्राप्ति के लिए सुंदर पुरुष के बदले बदसूरत पुरूष बेहतर

संतानोपत्ति से जुड़े मुद्दों पर आ गई एक और रिपोर्ट. यह अलग सी रिपोर्ट बताती है कि आकर्षक या सुंदर पुरुष की बच्चे पैदा करने की कूवत, कुरूप या अच्छे न दिखने वाले पुरुषों की तुलना में कम होती है।

इस रिपोर्ट के पीछे जो तर्क रखा गया है उसके मुताबिक आकर्षक पुरुष प्रणय क्रीड़ा के दौरान कुरूप या कम आकर्षक पुरुषों की तुलना में कम शुक्राणु छोड़ते हैं. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन और दुनिया की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड ने यह परिणाम निकाला है ।

रिपोर्ट की खबर यहाँ मौजूद है.

Wednesday, 31 December 2008

नये साल की बधाई

आप सभी को हैप्पी न्यू इयर

Wednesday, 5 November 2008

बीबी के चेहरे पर इतने मुहाँसे, कि पति ने तलाक ले लिया

मुंबई में एक पति को अपनी बीवी के चेहरे के मुँहासों से इतनी नफरत हुई कि उसने पत्नी से ही तलाक ले लिया। भले ही उसे हर्जाने के तौर पर ढाई लाख रुपये चुकाने पड़े। हुया यह कि सीमा (बदला हुआ नाम) के पति ने कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा कि उसकी पत्नी के चेहरे पर मुँहासों के दाग हैं। इन दागों की वजह से वह अपनी पत्नी के साथ हनीमून का आनंद नहीं ले सका। अश्विन ने कहा कि उसकी पत्नी को यह त्वचा संबंधी बीमारी बचपन से थी, लेकिन शादी के समय ससुरालवालों ने इस बात को छुपाया।

हनीमून के बाद सीमा से कहा गया कि तुम अपने मायके जाकर अपने डॉक्टर की सलाह ले। इसके एक महीने बाद सीमा अपने मायके लौट गई। उस वक्त पति ने उसे विश्वास दिलाया था कि जब वह ठीक हो जाएगी, तो वह उसे फिर उसे बुला लेगा। मई 1998 में सीमा ने अपने पति को फोन किया और धमकी दी कि अगर उसने उसे अपने पास नहीं बुलाया तो वह खुदकुशी कर लेगी। इसी बीच सीमा ने थाने में जाकर ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। जब मामला मुंबई की पारिवारिक अदालत पहुंचा तो अदालत ने सीमा के डॉक्टर को अदालत में पेश होने के लिए कहा। सीमा के डॉक्टर ने कहा कि इस बीमारी का उपचार है और यह ठीक हो सकती है। साथ ही उसने कोर्ट से कहा कि इसके चलते शारीरिक सम्बन्ध बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। पर अदालत ने डॉक्टर की दलील को नकार दिया।

6 साल तक कोर्ट में मामला चलने के बाद दोनों पक्ष तलाक के लिए तैयार हो गए। सीमा को अपने पति के खिलाफ कोर्ट में दायर सभी केस को वापस लेने के लिए 2.50 लाख रुपये हर्जाना भी दिया गया।

Sunday, 19 October 2008

शेयर बाजार में 30 लाख रुपए लुटा बैठी, पति ने तलाक देने का फैसला लिया

एक महिला को उसके पति ने तलाक देने का इसलिए फैसला कर लिया क्योंकि वह शेयर बाजार में 30 लाख रुपए लुटा बैठी। लगता है कि आर्थिक मंदी की छाया शेयर बाजार से निकलकर घर की चारदीवारी में पसर गई है। अहमदाबाद के मनोविज्ञानी डॉ . हंसल भचेच की ऑनलाइन कंसल्टेंसी में इस महिला ने अपना दिल का हाल बयां किया है। वह एक गृहणी है और खाली समय में शेयर ट्रेडिंग किया करती है। उसने बिना अपना नाम बताए लिखा है , ' मैं 34 साल की हूं और मेरी शादी को 10 साल हुए हैं। मेरी एक बेटी है जो अब बड़ी हो गई है। इसीलिए मेरे पास अब इतना समय होता है कि मैं घर बैठे कुछ काम कर सकूं। शेयर मार्केट में पैसा लगाना मुझे सबसे मुफीद लगा , सो मैं यह काम करने लगी। '

महिला आगे लिखती है , ' जब मुझे मुनाफा हुआ तो मेरे पति को भी यह बहुत अच्छा लगा। एक समय ऐसा भी था कि हमारे परिवार पर रुपयों की बरसात हुई। सारे सपने पूरे हो जाएंगे , ऐसा लगा। पर हाल के दिनों में जब शेयर मार्केट बुरी तरह गिरे , तो मुझे बहुत नुकसान हुआ। मेरे पति बहुत नाराज हुए। उन्होंने साफ कह दिया कि वह इस घाटे को नहीं उठा सकते। उन्होंने मुझे तलाक देने की धमकी भी दी है। ' डॉ . भचेच से राय मांगते हुए उस महिला ने पूछा है कि शेयर मार्केट की इस स्थिति के लिए सरकार क्या करने वाली है ?' वैसे अहमदाबाद की बहुत सी घरेलू महिलाओं ने पिछले कुछ हफ्तों में स्टॉक्स में बड़ी रकम गंवाई है। यह बात अलग है कि यह अपनी तरह का मामला है पर इसमें कोई शक नहीं कि बहुत सी महिलाएं इस समय दोहरे दर्द को झेल रही हैं। पैसे गंवाने के साथ - साथ उन्हें परिवार से भी ताने सुनने को मिल रहे हैं ,' डॉ . भचेच यह कहते हैं।
(ख़बर, विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा)

महिलाओं की पसंद हैं, पुराने ख्याल के देसी मर्द

महिलाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए पुरुषों को यह दावा करने की जरूरत नहीं कि वे बहुत समानतावादी हैं और लिंग के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं मानते। सर्वे कहता है कि ज्यादातर पुरुष हकीकत में पारंपरिक बीवी चाहते हैं और औरतों को भी ऐसे पुरुषों को उपकृत करने में मजा आता है। यानी आज भी औरतें मेट्रोसेक्सुअल के बजाय देसी तेवर वाले रेट्रोसेक्सुअल युवकों को ही ज्यादा तरजीह देती हैं।

यॉर्कशर बिल्डिंग सोसाइटी में हुए शोध के मुताबिक ज्यादातर औरतें आज भी जीवनसाथी चुनते समय पुराने ख्यालों वाले, सुरक्षा का एहसास दिलाने वाले पुरुषों का चुनाव करती हैं। सर्वे के मुताबिक औरतों को ऐसे पुरुष ज्यादा पसंद हैं जो घर और बाहर परंपरागत भूमिका में रहते हैं और आक्रामक रुख अपनाते हैं। इसके बजाय घर में रहने, समझदार रवैया दिखाने वाले मेट्रोसेक्सुअल तेवर औरत को शादी के बंधन में बांधने के लिए नाकाफी होते हैं।

इसके अलावा औरतों में नौकरी का आग्रह भी काफी कम होता जा रहा है। उन्हें लगता है कि करियर बनाने के फेर में भाग-दौड़ करने से अच्छा है कि बच्चों और परिवार की देखभाल की जाए। जब पुरुषों से पूछा गया कि जीवनसाथी में सबसे महत्वपूर्ण गुण कौन सा चाहते हैं, तो ज्यादा का जवाब था कि उसे घर की देखभाल आनी चाहिए। इसमें खाना बनाना, साफ सफाई और बच्चों को अच्छे से पालने के गुण शामिल हैं।

ऐसा नहीं है कि आदमी ही इस सोच के शिकार हैं। कई औरतों को पति का सबसे बड़ा गुण मोटी कमाई ही लगता है ताकि घर चलाने और शौक पूरा करने में किसी तरह का खलल पैदा न हो। ज्यादातर महिलाओं को शुरू में अपनी भावनाएं समझने वाला और आजाद ख्यालों का मेट्रोसेक्सुअल पति चाहिए था, लेकिन फिर उन्हें लगा कि जो आदमी मुझ से ज्यादा वक्त बाथरूम और आइने के सामने गुजारता है, उससे उकताहट हो रही है। उन्हें लगा कि पारंपरिक, आक्रामक स्वभाव वाले पुरुष ही बेहतर जीवनसाथी हो सकते हैं।

मूल समाचार, उस पर आयी टिप्पणियाँ के साथ यहाँ पढ़ा जा सकता है

करवा चौथ के दिन भी महिलाएं पतियों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ीं

करवा चौथ के दिन जहां पत्नियां अपने पतियों की लंबी उम्र और सलामती के लिये व्रत रख रही थीं। वहीं जबलपुर के परिवार परामर्श केन्द्र में अनेक पत्नियां अपने पतियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने के अलावा किसी प्रकार के समाधान के लिये सहमत नहीं हुई। परिवार परामर्श केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार करवा चौथ के दिन केन्द्र में वैवाहिक विवाद के 42 मामलों की सुनवाई की गयी। केन्द्र में ऐसा पहली बार हुआ कि इन 42 मामलों में एक भी निपटारा आपसी समझौते से नहीं हो पाया।

सुनवाई के दौरान पति पीड़ित अधिकांश पत्नियां करवा चौथ होने के बावजूद परिवार परामर्श के सलाहकारों के समक्ष पतियों एवं ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के अलावा किसी प्रकार के समाधान के लिये सहमत नहीं थी। सलाहकारों की समझाइश के बावजूद 12 मामलों में विवादित परिजनों ने आपसी सहमति से अलग-अलग रहने एवं विधि अनुसार आचरण करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही आठ पतियों द्वारा पत्नियों से पीडित होकर आवेदन प्रस्तुत किये थे। लेकिन उनकी पत्नियां दिन भर के इंतजार के बाद भी नहीं आईं। सलाहकारों ने ऐसे पतियों को न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी।

Tuesday, 14 October 2008

अरे वाह! अब पति भी किराए पर मिलेंगे

अभी अभी तो हमने पढ़ा था कि अब अपने देश में ही सुंदर महिला साथी भी किराए पर उपलब्ध है। वो भी 10 से 15 हजार रुपए प्रति शाम के हिसाब से। फिर उस पर टिप्पणियाँ भी देखीं कि 'पता नहीं कब पुरूष महिला के बिना जीना सीखेगे।' 'कोई खरीदे गये साथी के साथ सच्ची खुशी कैसे पा सकता है।' 'क्या युवक बिकना नहीं चाहते या युवतियों के पास अभी रुपए नहीं आये?'

इन सबका समाधान अब सामने है। बेशक बात अर्जेंटीना की है, देर-सबेर यहाँ भी वही हाल होगा। वहां जिन महिलाओं को अपने पतियों से इस बात की शिकायत रहती है कि उनके पति घर के काम में उनका हाथ नहीं बंटाते वे अपने शयनकक्ष की शांति बनाए रखते हुए किराए के पतियों की सेवाएं ले सकती हैं। इससे उन महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है जिनके पति घर के काम में निपुण नहीं हैं या फिर रुचि नहीं लेते। जी हां, अर्जेटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में एक कंपनी महिलाओं को 15.50 डालर (करीब 760 रुपये) प्रति घंटे के हिसाब से किराए के पति उपलब्ध करा रही है। कंपनी का कहना है कि जो महिला अपने घर के काम में रुचि नहीं लेने वाले पति से परेशान है, वह किराए के पति की सेवाएं ले सकती है। अपनी वेबसाइट पर कंपनी महिलाओं को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के विज्ञापन भी देती है। मसलन, 'क्या आप घर के काम में हाथ नहीं बंटाने वाले अपने पति से परेशान हैं? तो, सब कुछ भूलकर हमारे पास आइए', और 'अगर आपके पति घर के काम में रुचि नहीं लेते तो सब कुछ भूलकर हमारे पास आइए'।

इस कंपनी का नाम भी बड़ा ही दिलचस्प 'हसबेंड फार रेंट' रखा गया है। कंपनी आमतौर पर अकेली, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को किराए का पति उपलब्ध कराती है। कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले किराए के पतियों को बिजली और लकड़ी के काम सहित कई और काम अच्छी तरह आते हैं।

कंपनी के मालिक डेनियल अलोंसो ने बताया कि उन्हें यह अजीबोगरीब आइडिया उस दिन आया जब उनकी पड़ोसन ने अलोंसो की पत्नी से अपना पति किराए पर लेने का मजाक किया। 56 वर्षीय अलोंसो का दावा है कि उनकी कंपनी के पास अभी दो हजार ग्राहक हैं। अलोंसो ने कहा कि सस्ते में घर के काम निपट जाने के कारण महिलाओं को यह सुविधा खूब पसंद आ रही है।

ब्यूनस आयर्स में कंपनी इतनी लोकप्रिय हो चुकी है कि अब उसके पास रात के तीन बजे भी फोन कॉल आते हैं।

सम्बंधित समाचार यहाँ पढ़ा जा सकता है।